Shailendra  

Posted by Ketal Parikh in , , , , , , , , , ,

कभी आंसू तो कभी खुशी बेची
हमने अकेलेपन मे तन्हाई बेची
चन्द सांसे है खरीदने के लिये
रोज मरती हुई ज़िन्दगी बेची
सताने लगे जब मुझ मेरे ही साये
परेशान होके मैने रोशनी बेची
एक हम ही थे जो खुद ही बिक गये
वरना लोगो ने तो ज़िन्दगी बेची !!!!

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